Posts

Showing posts with the label धरत

"हमें खबर नहीं लगती और पैरों के नीचे कुछ किलोमीटर सरक जाता है धरती का पिघला हिस्सा"

Image
धरती के घूमने की प्रकिया के बारे में हमें पहले से ही पता है। उसके बाद वैज्ञानिकों ने पता लगाया कि धरती का सबसे भीतरी हिस्सा जिसे कोर (Core) कहा जाता है, जो पृथ्वी का भीतरी केंद्र भी है, धरती के साथ न सिर्फ घूमता है बल्कि धरती की स्पीड से बहुत कम गति से घूमता है। अब इस पुरानी थ्योरी को नई थ्योरी ने बदल कर रख दिया है। वैज्ञानिकों ने नई स्टडी में पता लगाया है कि पृथ्वी का कोर, जो धरती का सबसे गर्म हिस्सा है और पिघला हुआ है, दोलन यानि कंपन भी करता है और हर 6 साल में आगे-पीछे डोलता रहता है। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैलिफॉर्निया के वैज्ञानिकों ने यह नया सिद्धांत दिया है। वैज्ञानिक यहां तक कह रहे हैं कि पिछले दशकों में इनर कोर (Inner Core) ने अपनी दिशा भी बदल ली है।  इस नई स्टडी का एक हिस्सा Science Advances में प्रकाशित हुआ है। स्टडी के को-ऑथर जॉन ई विडाले ने कहा है, "हमारी खोज के अनुसार, धरती की ऊपरी सतह के मुकाबले इनर कोर अपनी जगह से सरक चुकी है, जैसा कि लोग 20 सालों से जोर देकर कह रहे हैं।" उन्होंने आगे बताया कि अंदरूनी कोर 1969 और 1971 के बीच पृथ्वी की घूर्णन गति से कम स्पीड पर...

आज रात 12 बजे धरती पर लौटेगा Boeing Starliner, NASA को होगा बड़ा फायदा

Image
नया बोइंग स्टारलाइनर (Boeing Starliner) कैप्सूल बुधवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए अपनी पहली मानव रहित यात्रा से पृथ्वी पर वापसी करने के लिए तैयार हो गया है। यह व्हीकल भविष्य में NASA के अपकमिंग वाहन के रूप में अपनी उड़ान भरेगा। स्टारलाइनर ने फ्लोरिडा में केप कैनावेरल यूएस स्पेस फोर्स बेस से एक हफ्ते पहले अपनी टेस्ट फ्लाइट शूरू की थी। CST-100 Starliner का ISS से अनडॉक और धरती के लिए वापसी का समय दोपहर 2:36 बजे (EDT), यानी सुबह 12:06 (IST) के लिए सेट किया गया था, जिसके बाद इसे धरती में कदम रखने के लिए पांच घंटे का समय लगेगा। समाचार एसेंजी Reuters की रिपोर्ट कहती है कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार होता है, तो मिशन की समाप्ति इस कैप्सूल शेप की शिप एक एयरबैग-कुशन वाले पैराशूट के साथ व्हाइट सैंड्स, न्यू मैक्सिको के पास रेगिस्तान पर 6:49 बजे PDT (7:19 am IST, गुरुवार) लैंड करेगा। स्टारलाइनर को पिछले गुरुवार को बोइंग-लॉकहीड मार्टिन के जॉइंट वेंचर United Launch Alliance द्वारा डेवलप Atlas V रॉकेट के साथ ऊपर कक्षा में ले जाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य ISS के साथ डॉक करना थ...

NASA का Crew-3 मिशन धरती पर सुरक्षित वापस लौटा, स्पेस में उगाकर देखी मिर्च!

Image
NASA का Crew-3 मिशन धरती पर सुरक्षित वापस लौट आया है। एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) के स्पेसक्राफ्ट में मिशन के सभी यात्री धरती पर वापस सकुशल लौट आए हैं। इन्हें स्पेसएक्स ड्रैगन एंड्योरेंस (SpaceX Dragon Endurance) क्राफ्ट में वापस लाया गया है। इस मिशन को भारतीय मूल के राजा चारी लीड कर रहे थे। क्रू में अमेरिका के तीन लोग थे और एक यात्री जर्मनी का था। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से टेकऑफ करने के बाद ये 23 घंटे से थोड़े अधिक समय में धरती पर पहुंच गए।  इस मिशन में से नासा के राजा चारी, टॉम मार्सबर्न और कायला बैरन और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी से मैटिआस मौरेर धरती पर वापस लौटे हैं। इनके वहां से आने के बाद अब ISS पर सात अंतरिक्ष यात्री बचे हैं। इनमें Crew-4 के तीन अमेरिकी यात्री, तीन रूसी यात्री और एक यात्री इटली से है। ISS से डिपार्चर के पहले मैशबर्न ने स्पेश स्टेशन की कमान रूस के ओलेग आर्टेमाईव को दी।  क्रू-3 मिशन में नासा के राजा चारी कायला बैरोन, टॉम मार्शबर्न और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के मथायस मौरर के साथ फ्लोरिडा में मैक्सिको की खाड़ी में 12:43 AM में पैराशूट से सहायता से ...

नासा की डराने वाली खबर! खो जाएगा धरती का इकलौता चांद, न होगी चांदनी, न दिखेगा सूर्य ग्रहण ...

Image
NASA ने एक डराने वाली खबर दी है। मंगल ग्रह का चंद्रमा एक दिन इसके करीब आते-आते इसकी सतह से टकरा जाएगा और धरती का चंद्रमा हमेशा के लिए धरती से दूर हो जाएगा। नासा ने कहा है कि मंगल ग्रह का चंद्रमा धीरे-धीरे इसकी सतह के करीब आ रहा है। इसी तरह से धरती का चंद्रमा इसकी सतह से धीरे-धीरे दूर होता जा रहा है। इस गति का अंत ये होगा कि मंगल का चंद्रमा इसकी सतह से टकरा कर टुकडों में बिखर जाएगा और धरती की रातें एक समय बाद हमेशा के लिए अंधेरी हो जाएंगी।  हाल ही में नासा के पर्सवेरेंस रोवर ने मंगल के चंद्रमा फोबोस की शानदार तस्वीरे ली हैं। नासा ने इन्हें शेयर करने के साथ-साथ एक और तथ्य से पर्दा उठाया है। मंगल के दो चंद्रमा हैं- फोबोस और डीमोस। इसका फोबोस मून धीरे-धीरे लाल ग्रह की सतह के करीब आ रहा है। नासा ने अपनी वेबसाइट पर एक पोस्ट में इसकी मंगल के करीब आने की चाल के बारे में भी बताया है। जिसके मुताबिक, फोबोस हर 100 साल में 6 फीट यानि 1.8 मीटर से मंगल के करीब सरकता जा रहा है। इस हिसाब से 5 करोड़ साल बाद यह मंगल की सतह से टकरा कर चूर चूर हो जाएगा। इसके उलट इसका दूसरा चांद डीमोस इससे दूर चला जाएग...