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श्रीलंका में आपातकाल की घोषणा क्यों की गई है?

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First Published: April 4, 2022 | Last Updated:April 4, 2022 श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने देश में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी है जो देश के सुरक्षा बलों को व्यापक अधिकार देता है। यह घोषणा उस समय की गई जब देश के सैकड़ों नागरिकों ने श्रीलंका के सामने आ रहे आर्थिक संकट को लेकर गुस्से से उनके घर में घुसने की कोशिश की। मुख्य बिंदु  लागू किए गए सख्त कानून सेना को बिना किसी मुकदमे के लंबे समय तक किसी भी संदिग्ध को हिरासत में लेने और गिरफ्तार करने की शक्ति देते हैं। देश के नागरिक विरोध कर रहे हैं और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं क्योंकि देश में उथल-पुथल का माहौल बन गया है। राष्ट्र गंभीर आवश्यक वस्तुओं की कमी का सामना कर रहा है। देश में राष्ट्रपति के खिलाफ लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन के बाद देश में रात के समय कर्फ्यू लगा दिया गया है। आपातकाल की घोषणा क्यों की गई? आपातकाल घोषित किया गया है ताकि देश में सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखा जा सके और साथ ही समुदाय के लिए आवश्यक सेवाओं और आपूर्ति की सुरक्षा की जा सके। देश की आर्थिक स्थिति देश में म...

कनाडा ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की

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First Published: February 15, 2022 | Last Updated:February 15, 2022 14 फरवरी, 2022 को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने कोविड स्वास्थ्य नियमों के खिलाफ ट्रक वालों के विरोध प्रदर्शन को समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा की है। मुख्य बिंदु पुलिस द्वारा हथियारों के के साथ 11 लोगों को गिरफ्तार करने के बाद, जो संयुक्त राज्य के साथ सीमा को अवरुद्ध कर रहे थे, आपातकाल को लागू किया गया। कनाडा के इतिहास में यह केवल दूसरी बार है जब शांतिकाल में ऐसी शक्तियों का प्रयोग किया गया है। शक्तियों का आह्वान इसलिए किया गया क्योंकि सैकड़ों ट्रकों ने अभी भी ओटावा की सड़कों को बंद कर दिया हैं। प्रधानमंत्री ने आगे कहा, इस स्तर पर सेना की तैनाती नहीं की जाएगी। हालांकि, अधिकारियों को विरोध प्रदर्शनों के वित्तपोषण पर प्रतिबंध लगाने के अलावा, प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने और नाकेबंदी हटाने के लिए उनके ट्रकों को जब्त करने की अधिक शक्तियां प्रदान की जाएंगी। आपातकालीन अधिनियम क्यों लागू किया गया? संघीय सरकार ने नाकाबंदी और व्यवसायों को संबोधित ...

पेरू ने तेल रिसाव के कारण पर्यावरण आपातकाल (Environmental Emergency) की घोषणा की

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First Published: January 25, 2022 | Last Updated:January 25, 2022 पेरू एक दक्षिण अमेरिकी देश है। पेरू सरकार ने हाल ही में तेल रिसाव के कारण पर्यावरण आपातकाल की घोषणा की। यह आपातकाल 90 दिनों तक चलेगा। मुख्य बिंदु प्रशांत महासागर में करीब 6000 बैरल तेल गिरा है। स्पेन की एनर्जी फर्म रेप्सोल (Repsol) का एक टैंकर पेरू में वेंटिनाला रिफाइनरी में तेल ले जा रहा था। इस टैंकर का नाम “मारे डोरिकम” है। यह एक इतालवी टैंकर है। तेल रिसाव समुद्र के भीतर ज्वालामुखी टोंगा के विस्फोट के कारण हुआ। नासा के अनुसार, टोंगा ज्वालामुखी विस्फोट परमाणु बम से भी ज्यादा शक्तिशाली है। विस्फोट से आई सुनामी लहरें तेल रिसाव का कारण बनीं। नुकसान इस तेल रिसाव ने बड़ी संख्या में समुद्री वन्यजीवों की जान ले ली है। इसने स्थानीय मछुआरों पर भारी प्रभाव डाला है। साथ ही इसका असर पर्यटन क्षेत्र पर भी काफी हद तक पड़ रहा है। तेल रिसाव से लगभग 2,384 घन मीटर रेत प्रभावित हुई है। इसके कारण कुल आर्थिक नुकसान 50 मिलियन डालर से अधिक होने का अनुमान है। इससे करीब 713 हेक्टेयर समुद्र प्रभावित हुआ है। ...

कजाकिस्तान में विरोध और आपातकाल : मुख्य बिंदु

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First Published: January 7, 2022 | Last Updated:January 7, 2022 कजाकिस्तान के नागरिक अचानक ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का विरोध कर रहे हैं। बढ़ते तनाव के कारण सत्तारूढ़ सरकार ने इस्तीफा दे दिया है। कजाकिस्तान में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। मुख्य बिंदु  विरोध तब शुरू हुआ जब कजाकिस्तान की सत्तारूढ़ सरकार ने तरल पेट्रोलियम गैस के मूल्य नियंत्रण को हटा दिया। इसके बाद कीमतें तेजी से दोगुनी हो गईं। इससे पहले, इसकी कम कीमत के कारण, नागरिकों ने अपने वाहनों को ईंधन पर चलाने के लिए परिवर्तित (convert) कर दिया था। मूल्य नियंत्रण हटाए जाने के बाद अचानक मूल्य वृद्धि के कारण उनकी योजनाएँ बिखर गईं। इससे वे नाराज हो गए और विरोध करने लगे। विरोध को नियंत्रित करने के लिए कजाकिस्तान क्या कर रहा है? देश के प्रधानमंत्री के इस्तीफा देने के बाद राष्ट्रपति ने जिम्मेदारी संभाल ली है। उन्होंने विरोध को नियंत्रित करने के लिए एक सुरक्षा परिषद बनाई है। कजाकिस्तान ने अपने सैन्य सहयोगियों खासकर रूस से मदद मांगी है। इसने CSTO (Collective Security Treaty Organization) की मदद भी मांग...