Posts

Showing posts with the label isrovenusmission

2024 में इसरो (ISRO) शुक्र ग्रह के लिए मिशन लांच करेगा

Image
First Published: May 7, 2022 | Last Updated:May 7, 2022 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) दिसंबर 2024 में शुक्र के लिए एक अंतरिक्ष यान लॉन्च करने  की योजना बना रहा है। इसरो के शुक्र मिशन के उद्देश्य क्या हैं? शुक्र की सतह के नीचे क्या है इसका अध्ययन करना। शुक्र के वातावरण का अध्ययन करना। इसरो द्वारा शुक्र मिशन के तहत किन प्रयोगों की योजना बनाई गई है? सक्रिय ज्वालामुखीय हॉटस्पॉट और लावा प्रवाह सहित सतह प्रक्रियाओं और उथले उप-सतह स्ट्रैटिग्राफी की जांच। वायुमंडल की संरचना और गतिकी का अध्ययन करना। दिसंबर 2024 शुक्र के लिए अंतरिक्ष यान को लॉन्च करने के लिए उपयुक्त क्यों है? यदि अंतरिक्ष यान को दिसंबर 2024 में लॉन्च किया जाता है, तो 2025 में अन्तरिक्ष यान की दिशा बदलने की योजना बनाई जा सकती है। 2025 में, पृथ्वी और शुक्र को इस तरह से संरेखित किया जाएगा कि अंतरिक्ष यान को शुक्र की कक्षा में प्रवेश करने के लिए न्यूनतम मात्रा में प्रणोदक (propellant) की आवश्यकता होगी। शुक्र की सतह का अध्ययन करने के लिए किस यंत्र का उपयोग किया जाएगा? इसके लिए हाई रेजो...

NASA से एक कदम आगे निकलेगा ISRO, शुक्र ग्रह पर भेजेगा शुक्रयान

Image
ISRO जल्द एक नया मील का पत्थर स्थापित करने की तैयारी कर चुका है। चांद और मंगल ग्रह पर अपने मिशन की सफलता के बाद, अब अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन शुक्र ग्रह (Venus) पर अपना शुक्रयान भेजने की तैयारी कर रहा है। यह यान शुक्र ग्रह के बारे में सभी जरूरी जानकारियां इकट्ठा करेगा, जैसे उसकी सतह के नीचे क्या है? या सबसे गर्म ग्रह पर जीवन की संभावना कितनी है?  India Today की रिपोर्ट में बताया गया है कि ISRO चेयरमैन एस. सोमनाथ ने शुक्र ग्रह पर हुई एक मीटिंग के बाद बताया कि इसरो के वैज्ञानिकों ने शुक्र ग्रह के मिशन की प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है। इस मिशन की लागत का अनुमान भी लगा लिया गया है। इसके अलावा, यह भी पुष्टि कर दी गई है कि भारत सरकार भी इस प्रोजेक्ट को लेकर सहमत हैं। सोमनाथ का कहना है कि सही उपकरणों के साथ सैटेलाइट को बनाने का काम अभी बाकी है, जिसके बाद मिशन को लॉन्च कर दिया जाएगा। उन्होंने आगे यह भी कहा कि भारत के लिए शुक्र ग्रह पर मिशन भेजना आसान काम है। इसरो का कहना है कि यदि इस मिशन को 2024 में लॉन्च नहीं कर पाए, तो अगला मौका 2031 में मिलेगा। ऐसा इसलिए,  क्योंकि दोनों ग्र...