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'यदि PM मोदी मध्यस्थता पर विचार करते हैं तो स्वागत करेंगे' : NDTV से बोले यूक्रेन के मंत्री

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यूक्रेन के मंत्री ने कहा कि रूसी हमलों में सैकड़ों महिलाएं और बच्चे मारे गए हैं. मैंने पांच हफ्तों में अपने बच्चों को नहीं देखा है. नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध को दूसरा महीना चल रहा है. कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है और रूस ने इस्तांबुल में हुई बैठक में हमलों में कमी करने की बात कही है. इस बीच यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने एनडीटीवी के साथ एक विशेष बातचीत में बताया कि रूसी हमले के बीच उनके देश में क्या हो रहा है. इतना ही नहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मध्यस्थता करने की भी मांग की है. पढ़ें उनके द्वारा कही गई 10 बड़ी बातें- मामले से जुड़ी अहम जानकारियां : हमने रूस को कुछ अच्छे प्रस्ताव दिए हैं, लेकिन हमें जमीनी स्तर पर स्थिति देखने की जरूरत है. हमले हो रहे हैं. जमीन पर जो हो रहा है, उससे बातचीत टूटती नजर आ रही है. कीव और चेर्निहाइव से कोई रूसी सेना की कोई सार्थक वापसी नहीं हुई है. हमने कुछ क्षेत्रों से कुछ रूसी सेना को वापस जाते देखा. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि सेना पूरी तरह से वापस लौट चुकी है. इसलिए हमें रूसी आश्वासनों से सावधा...

रूस-यूक्रेन युद्ध सेमीकंडक्टर आपूर्ति को कैसे प्रभावित कर रहा है?

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First Published: March 16, 2022 | Last Updated:March 16, 2022 वैश्विक सेमीकंडक्टर चिप आपूर्ति श्रृंखला जो पहले COVID-19 महामारी की चपेट में थी, रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण फिर से संकट का सामना कर सकती है। रूस और यूक्रेन दोनों वैश्विक अर्धचालक आपूर्ति श्रृंखला में योगदान करते हैं। यूक्रेन का योगदान यूक्रेन नियॉन गैस के दुनिया के सबसे बड़े आपूर्तिकर्ताओं में से एक है, जिसका उपयोग चिप निर्माण प्रक्रिया में किया जाता है। इस प्रकार, सेमीकंडक्टर के निर्माण के लिए नियॉन गैस का उपयोग महत्वपूर्ण है। 1991 में USSR के विघटन के बाद, यूक्रेन में नियॉन गैस का उत्पादन बढ़ा है। नियॉन गैस इस्पात उत्पादन का उपोत्पाद (byproduct) है। यह स्टील के निर्माण के दौरान निकलने वाली गैसों के निस्पंदन द्वारा निर्मित होता है। रूस का योगदान रूस पैलेडियम (Palladium) का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है और रूस पर मौजूदा प्रतिबंध और निर्यात नियंत्रण पैलेडियम की वैश्विक आपूर्ति को प्रभावित करेगा। पैलेडियम अपनी चालकता और गैर-संक्षारक क्षमता के लिए जाना जाता है और इस प्रकार सेमीकंडक्टर उद्योग...

Photos: यूक्रेन के सुमी से सुरक्षित निकाले गए भारतीय, 17 विदेशियों का भी 'मददगार' बना भारत

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जब ये स्‍टूडेंट्स, स्‍पेशल ट्रेन में बैठे तो इनके चेहरे पर कई दिनों के बाद मुस्‍कुराहट खिली नई दिल्‍ली : Russia-Ukraine war: युद्ध प्रभावित यूक्रेन के सुमी शहर में फंसे भारतीय स्‍टूडेंट्स को आखिरकार निकाल लिया गया है. बुधवार को जब ये स्‍टूडेंट्स, स्‍पेशल ट्रेन में बैठे तो इनके चेहरे पर कई दिनों के बाद मुस्‍कुराहट खिली. दूतावास की ओर से ट्वीट की गई फोटोज में इन बच्‍चों के चेहरे पर राहत के भाव साफ देखे जा सकते हैं. भारत में आशंकाओं से घिरे इन बच्‍चों के परिजन भी इस बात से खुश हैं कि वे जल्‍द ही अपने बच्‍चों से मिल सकेंगे. करीब 600 भारतीय और 17 अन्‍य देशों के स्‍टूडेंट्स के आखिरी ग्रुप ने यूक्रेन के पोल्‍तवा से ट्रेन पकड़ी और ये संभवत: गुरुवार को पोलैंड से उड़ान भरेंगे. स्‍टूडेंट कोऑर्डिनेटर अनशद अली ने बताया कि ट्रेन स्‍टूडेंट्स को पश्चिमी यूक्रेन के लीव शहर पहुंचाएंगी जहां से वे बस के जरिये पोलैंड जाएंगे. पोल्‍तवा से लीव की दूरी करीब 888 किमी है. n students from Sumy on board the special train organised with assistance of n authorities. Mission will continue to facilitate their move...

सुमी में फंसे भारतीयों को निकालने की राह में थीं कई अड़चनें, योजना बनाकर ऑपरेशन को दिया गया अंजाम : सूत्र

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यूक्रेन के सुमी शहर में फंसे 600 से अधिक भारतीय स्‍टूडेंट को निकाला गया है (प्रतीकात्‍मक फोटो) नई दिल्‍ली : Russia-Ukraine war: युद्ध प्रभावित यूक्रेन के सुमी शहर से निकाले गए स्‍टूडेंट्स का दल लवीव पहुंच गया है. सूत्रों ने NDTV को बताया कि पूरे निकासी (Evacuation)ऑपरेशन के दौरान सरकार ने कई स्तरों पर कोशिश की और पीएम नरेंद्र मोदी स्‍वयंयूक्रेन और रूस के अलावा आसपास के देशों के प्रमुखों के टच में थे. सूत्रों के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या छात्रों को दूसरे देशों में ले जाने की थी क्योंकि उनके पास उन देशों का वीज़ा नहीं था. अभियान के तहत 50 से अधिक अधिकारी भेजे गए. रूसी भाषा जानने वालों को अधिक भेजा गया. पिशाचिन और सुमी में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना सबसे चुनौतीपूर्ण था. इसके अलावा खारकीव से निकालने में भी दिक़्क़त आयी क्योंकि ट्रेन पर भारी दबाव था. यह भी पढ़ें जानकारी के अनुसार, सूमी से निकाला गया दल आज पोलैंड में रहेगा और इसे कल की उड़ान से वापस  लाया जाएगा.पोलैंड के अलावा रोमानिया आदि का रूट भी देखा जा रहा है. सूत्र बताते हैं कि ऐसे लोग जिन्होंने सरकार की तरफ़ से जारी एडवाइज़री न...

PM मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से की फोन पर बात, भारतीयों की सुरक्षित निकासी पर की चर्चा

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पीएम नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से की बातचीत रूस और यूक्रेन (Russia-Ukraine War) के बीच युद्ध जारी है. इस बीच पीएम मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से फोन पर बात की. भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक- फोन कॉल लगभग 35 मिनट तक चली. दोनों नेताओं ने यूक्रेन में स्थिति पर चर्चा की. प्रधानमंत्री ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी सीधी बातचीत की सराहना की. प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को निकालने में यूक्रेन सरकार द्वारा दी गई सहायता के लिए राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को धन्यवाद दिया. प्रधानमंत्री ने सूमी से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए जारी प्रयासों में यूक्रेन सरकार से निरंतर समर्थन मांगा है. Prime Minister Modi spoke on phone to President Volodymyr Zelensky of Ukraine.The phone call lasted for about 35 minutes. The two leaders discussed the evolving situation in Ukraine. PM appreciated the continuing direct dialogue between Russia & Ukraine: GoI Sources (File pics) pic.twitter.com/oCej7bZZzB — ANI (@ANI) March 7, 2022 यह भी पढ़ें बता दें कि ...