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बिहार में भारत के पहले ग्रीनफील्ड अनाज आधारित इथेनॉल संयंत्र का उद्घाटन किया गया

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First Published: May 6, 2022 | Last Updated:May 6, 2022 हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री द्वारा बिहार में अनाज आधारित इथेनॉल संयंत्र का उद्घाटन किया गया। मुख्य बिंदु अनाज आधारित इथेनॉल संयंत्र 105 करोड़ रुपये में बनाया गया था। ईस्टर्न इंडिया बायोफ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड ने इस प्लांट की स्थापना की है। इथेनॉल संयंत्र एक शून्य-तरल निर्वहन (ZLD) संयंत्र है। केंद्र द्वारा बिहार की इथेनॉल उत्पादन और संवर्धन नीति-2021 को हरी झंडी देने के बाद से यह पहला विकसित संयंत्र है। यह संयंत्र 15 एकड़ भूमि पर बनाया गया है और यह प्रतिदिन 150 टन मक्का और चावल का उपयोग करके प्रति दिन 65,000 लीटर इथेनॉल का उत्पादन करने में सक्षम है। यह उप-उत्पाद (by-product) के रूप में DDGS (distiller’s dried grains with solubles) का भी उत्पादन करेगा, जिसे जानवरों के चारे के लिए बेचा जाएगा। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के साथ 10 साल का इथेनॉल खरीद समझौता किया गया है। यह संयंत्र ईंधन की जरूरतों को पूरा करने के लिए गन्ना, मक्का और चाव...

P&K उर्वरकों के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी में बढ़ोत्तरी की गई

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First Published: April 29, 2022 | Last Updated:April 29, 2022 केंद्र सरकार ने घोषणा की कि इस साल के खरीफ सीजन के लिए फॉस्फेटिक और पोटाश (P&K) उर्वरकों के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (Nutrient Based Subsidy – NBS) की दर, वर्ष 2021 के लिए 57,150 करोड़ रुपये के मुकाबले, अप्रैल से सितंबर 2022 तक बढ़ाकर 60,939 करोड़ रुपये कर दी जाएगी। मुख्य बिंदु  सब्सिडी में यह वृद्धि किसानों को डाय-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) और अन्य गैर-यूरिया पोषक तत्वों की वैश्विक मूल्य वृद्धि से बचाएगी। ये मिट्टी के पोषक तत्व ज्यादातर आयात किए जाते हैं। 2021 में, NBS सब्सिडी में रबी सीजन के लिए 28,655 करोड़ रुपये और खरीफ सीजन के लिए 28,495 करोड़ रुपये शामिल थे। 2020-21 में, सरकार को DAP सब्सिडी में भी भारी बढ़ोतरी करनी पड़ी थी क्योंकि आयातित उर्वरकों की कीमतों में वृद्धि हुई थी। NBS की नई दरें 1 अप्रैल 2022 से लागू होंगी। भारत के उर्वरक सब्सिडी खर्च में वृद्धि खरीफ सीजन के लिए NBS दरों में वृद्धि के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में LNG और यूरिया की ऊंची कीमतों के कारण यूरिया सब्सिडी मे...

मार्च में WPI आधारित मुद्रास्फीति 14.55% पर पहुंची

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First Published: April 19, 2022 | Last Updated:April 19, 2022 बिजली की कीमतों में वृद्धि और खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों के कारण मार्च महीने में भारत में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति बढ़कर 14.55% हो गई। मुख्य बिंदु  मार्च 2021 में WPI आधारित महंगाई दर 7.89% थी। मार्च 2022 में, खनिज तेल, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, और बुनियादी धातुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण मुद्रास्फीति की उच्च दर दर्ज की गई थी क्योंकि रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान उत्पन्न हुआ है। WPI खाद्य सूचकांक ( WPI Food Index) खाद्य सूचकांक मार्च 2022 में बढ़कर 167.3 हो गया, जो फरवरी 2022 में 166.4 था। मुद्रास्फीति की WPI खाद्य सूचकांक आधारित दर भी बढ़कर 8.71% हो गई है। ईंधन और बिजली क्षेत्र  मार्च 2022 में, प्रमुख ईंधन और बिजली समूह के लिए सूचकांक फरवरी 2022 में 139.0 से 5.68% बढ़कर 146.9 हो गया है। साथ ही, फरवरी 2022 की तुलना में मार्च 2022 में खनिज तेलों की कीमतों में वृद्धि हुई है। Categories: अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स Tags:Hin...

कोयला आधारित बिजली सयंत्रों में बायोमास ईंधन का उपयोग किया जायेगा

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First Published: March 24, 2022 | Last Updated:March 24, 2022 बायोमास पेलेट्स के सम्मिश्रण (blending) को विद्युत मंत्रालय द्वारा अनिवार्य कर दिया गया है। 8 अक्टूबर 2021 को जारी “Revised Policy for Biomass Utilization for power generation Through Co-firing in Coal-based Power Plants” के तहत, बायोमास पेलेट्स को मुख्य रूप से कोयले के साथ कृषि अवशेषों से बनाया जायेगा । मुख्य बिंदु देश में ताप विद्युत संयंत्रों (thermal power plants) को बायोमास पेलेट्स के 5% मिश्रण का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है जो मुख्य रूप से कोयले के साथ कृषि अवशेषों से बने होते हैं। इस आदेश जारी होने के दो साल से और उसके बाद ब्लेंडिंग का प्रतिशत बढ़ाकर 7% कर दिया जाएगा। बायोमास पेलेट्स (Biomass Pellets) क्या हैं? बायोमास पेलेट एक प्रकार का बायोमास ईंधन है जो बहुत लोकप्रिय है। इन पेलेट्स को ज्यादातर कृषि बायोमास, लकड़ी के कचरे, वानिकी के अवशेषों, वाणिज्यिक घासों आदि से बनाया जाता है। ये पेलेट्स न केवल भंडारण और परिवहन की लागत को बचाने में मदद करते हैं, बल्कि बायोमास पेलेट्स लागत ...

झारखंड में पहला “परिणाम पर आधारित बजट” पेश किया गया

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