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INS निशंक और INS अक्षय को डीकमीशन किया गया

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First Published: June 7, 2022 | Last Updated:June 7, 2022 भारत को 32 साल की शानदार सेवा प्रदान करने के बाद 3 जून, 2022 को भारतीय नौसेना के जहाजों निशंक और अक्षय को सेवामुक्त कर दिया गया। मुख्य बिंदु  मुंबई में नौसेना डॉकयार्ड में डीकमिशनिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया था। पारंपरिक समारोह में राष्ट्रीय ध्वज, नौसेना का पताका और दोनों जहाजों के डिमोशनिंग पेनेंट को सूर्यास्त के समय अंतिम बार उतारा गया। INS निशंक को 12 सितंबर, 1989 को कमीशन किया गया था। दूसरी ओर, INS अक्षय को 10 दिसंबर, 1990 को पोटी, जॉर्जिया में कमीशन किया गया था। INS निशंक 22 मिसाइल वेसल स्क्वाड्रन का हिस्सा था, जबकि INS अक्षय 23 पेट्रोल पोत स्क्वाड्रन का हिस्सा था, जो फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग, महाराष्ट्र के नौसेना क्षेत्र के संचालन नियंत्रण में था। वे 32 से अधिक वर्षों से सेवा में थे। इस दौरान उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान ऑपरेशन तलवार और 2001 में ऑपरेशन पराक्रम सहित कई नौसैनिक अभियानों में भाग लिया। INS निशंक (K43) INS निशंक एक वीर श्रेणी का कार्वेट है, जिसकी लंबाई 56 मीटर (184 फी...

भारत और मालदीव अक्षय ऊर्जा हस्तांतरण परियोजना पर हस्ताक्षर किये

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First Published: April 29, 2022 | Last Updated:April 29, 2022 भारत और मालदीव दोनों देशों के बीच अक्षय ऊर्जा के हस्तांतरण के उद्देश्य से एक ट्रांसमिशन इंटरकनेक्शन स्थापित करने पर सहमत हुए हैं। भारत के ऊर्जा और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह और मालदीव के पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और प्रौद्योगिकी मंत्री अमीनाथ शौना के बीच हुई बैठक के दौरान इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई। मुख्य बिंदु  वर्ष 2030 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्य प्राप्त करने के मालदीव सरकार के संकल्प पर चर्चा की गई। इस बैठक के दौरान दो समझौता ज्ञापन (MoU) प्रस्तावित किए गए थे जो वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड (OSOWOG) के तहत ट्रांसमिशन इंटरकनेक्शन और ऊर्जा सहयोग पर थे। ऊर्जा परिवर्तन कार्यक्रम ( Energy Transition Programme) मालदीव के ऊर्जा परिवर्तन कार्यक्रम को सुविधाजनक बनाने के लिए अक्षय ऊर्जा हस्तांतरण के उद्देश्य से एक ट्रांसमिशन इंटरकनेक्शन का प्रस्ताव किया गया है। वर्तमान में MoU के लिए एक मसौदा समझौता तैयार किया जा रहा है जिस पर ट्रांसमिशन इंटरकनेक्शन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझ...

2024 तक कृषि क्षेत्र में डीजल को अक्षय ऊर्जा से रीप्लेस करेगी केंद्र सरकार

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First Published: February 12, 2022 | Last Updated:February 12, 2022 केंद्र सरकार ने 2024 तक कृषि क्षेत्र में डीजल को अक्षय ऊर्जा से बदलने का लक्ष्य रखा है। मुख्य बिंदु यह लक्ष्य 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन की हिस्सेदारी बढ़ाने और 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जक बनने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप निर्धारित किया गया है। पीएम-कुसुम योजना के माध्यम से, केंद्र सरकार कृषि को सौर ऊर्जा से चलाने के लिए एक योजना भी चला रही है इससे सौर ऊर्जा से चलने वाली सिंचाई प्रणाली स्थापित करने में मदद मिलेगी। पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM Scheme) PM-KUSUM योजना की घोषणा 2018 के बजट में की गई थी और 2019 में इसे मंजूरी दी गई थी। इसे “किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महाभियान (KUSUM) योजना” के रूप में नामित किया गया है। इस योजना के तहत, किसानों को अपनी बंजर भूमि पर स्थापित सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को बेचने का विकल्प दिया जाता है। यह योजना 2022 तक 30.8 GW की सौर क्षमता जोड़ने का प्रयास कर रही है। पीएम-कुसुम के घटक पीएम-कुसुम में तीन घटक शाम...