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अमेरिकी आर्मी के हेलीकॉप्‍टर के सामने आए 3 UFO! पायलट ने बनाया वीडियो, आप भी देखें

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अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्‍जेक्‍ट (UFO) को लेकर दुनियाभर में बहस होती रही है। UFO को देखने के दावे किए जाते रहे हैं। बीते दिनों इस पर तब सरकारी मुहर लग गई, अब एक टॉप अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि पिछले 20 साल में आकाश में उड़ने वाली अज्ञात वस्तुओं की संख्‍या बढ़ गई है। रक्षा अधिकारी ने यह जानकारी अमेरिकी सांसदों के सामने दी थी। बहरहाल, अब आई एक नई जानकारी के अनुसार, अमेरिकी आर्मी के एक अत्‍याधुनिक हेलीकॉप्‍टर के सामने बिजली की रफ्तार से गुजरने वाले 3 UFO को स्‍पॉट किया गया है। इसका वीडियो भी सामने आया है।    dailystar ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यह वीडियो 6 नवंबर 2018 को एरिजोना से लगभग 40 मील उत्तर-पश्चिम में रिकॉर्ड किया गया था। बताया जाता है कि अमेरिका के अपाचे हेलीकॉप्‍टर के सामने ये UFO नजर आए थे। हेलीकॉप्‍टर में सवार को-पायलट और गनर ने इन्‍हें देखा। रिपोर्ट के मुताबिक, जब हेलीकॉप्‍टर उड़ान भरने वाला था, तभी आसमान में ट्राएंगल फॉर्मेशन में इन ऑब्‍जेक्‍ट को रिपोर्ट किया गया।  इन्‍हें देखकर को-पायलट और गनर हैरान रह गए थे। वीडियो में उन्‍हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि क...

अंतरिक्ष में तैनात सबसे बड़ी दूरबीन खोलेगी पृथ्‍वी जैसे दो ग्रहों का राज!

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अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी नासा (Nasa) ने पिछले साल दिसंबर में अंतरिक्ष में अबतक के सबसे बड़े टेलीस्‍कोप जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope) को लॉन्‍च किया था। यह टेलीस्‍कोप वहां खुद को सेटअप करने की प्रक्रिया पूरी करने वाला है और जल्‍द अपना काम शुरू कर सकता है। खबरों की मानें, तो इस टेलीस्‍कोप ने एक नई चट्टानी दुनिया का पता लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। बताया जाता है कि यह टेलीस्‍कोप 50 प्रकाश वर्ष दूर दो छोटे ग्रहों पर स्‍टडी करेगा।  space.com ने लिखा है कि मौजूदा टेलीस्‍कोप टेक्‍नॉलजी में गैसीय आवरण वाले ग्रहों के मुकाबले चट्टानी ग्रहों को देखना ज्‍यादा कठिन है। लेकिन जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप में लगे पावरफुल मिरर और डीप स्‍पेस लोकेशन की वजह से पृथ्‍वी से थोड़े बड़े दो ग्रहों को टटोलने का काम जल्‍द शुरू हो सकता है। खास बात यह है कि इन ग्रहों को ‘सुपर अर्थ' के रूप में जाना जाता है।    इन ग्रहों को भले ही सुपर अर्थ के तौर पर पहचाना  जाता है, लेकिन यहां जीवन मुमकिन नहीं है। इनमें से एक ग्रह तो बेहद गर्म लावा से ढका हुआ है, जिसका नाम 55 कैनरी ई है। वहीं दूसरे ग्रह का...

NASA की अहम खोज : हमारे सोलर सिस्‍टम के बाहर मौजूद हैं 5 हजार से ज्‍यादा ग्रह

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने हमारे सौर मंडल के बाहर 5000 से ज्‍यादा ग्रहों के होने की पुष्टि की है। आज से कई साल पहले तक वैज्ञानिकों को चुनिंदा ग्रहों के बारे में जानकारी थी, लेकिन दुनिया को जानने की उत्‍सुकता ने उन्‍हें इस मुकाम तक पहुंचा दिया है। अपने एक्सोप्लैनेट आर्काइव में नासा ने 65 ग्रहों का नया बैच शामिल किया है, जो हमारी मौजूदा सोलर फैमिली के बाहर हैं। इस तरह सौर मंडल के बाहर 5000 से ज्‍यादा ग्रह बीते 30 साल में खोजे जा चुके हैं। एक्सोप्लैनेट आर्काइव उन खोजों को रिकॉर्ड करता है, जिन्‍हें पहचानने के लिए कई तरीके इस्‍तेमाल किए जाते हैं और फ‍िर उनके होने की पुष्टि की जाती है।   नासा ने कहा है कि इन एक्सोप्लैनेट में पृथ्वी जैसी छोटी और चट्टानी दुनिया से लेकर ‘सुपर अर्थ' शामिल हैं, जो हमारे सौर मंडल के ग्रहों से भी बड़े हैं। इनमें बृहस्पति और ‘मिनी-नेप्च्यून्स' से बड़े ग्रह भी हैं। कुछ ग्रह तो एकसाथ दो तारों की परिक्रमा करते हैं, जबकि कई ग्रह मरे हुए तारों अवशेषों के चारों ओर घूमते हैं। नासा एक्सोप्लैनेट साइंस इंस्टीट्यूट के एक रिसर्च साइंटिस्‍ट जेसी क्रिस्टिय...

राजा चारी ने ISS में की अपनी पहली स्‍पेसवॉक, जानें इस भारतीय-अमेरिकी के बारे में

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एक भारतीय-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री और उनके सहयोगी ने इंटरनैशनल स्‍पेस स्टेशन (ISS) में काम करने के लिए स्पेसवॉक की है। स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) के क्रू कमांडर राजा चारी अभी ISS में हैं। वह अपने फ्लाइट इंजीनियर कायला बैरन के साथ अंतरिक्ष स्टेशन के एयरलॉक की सिक्‍योरिटी से बाहर निकल आए और लगभग 6.5 घंटे तक अंतरिक्ष में रहे। राजा चारी की यह पहली स्पेसवॉक थी। उन्होंने अमेरिकी एयरफोर्स के लिए एक कर्नल के रूप में भी काम किया है। अपने करियर के दौरान उन्‍होंने 2,500 घंटे से अधिक समय उड़ान में बिताया है।  साल 2017 में चारी को एक अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था। उनका जन्म अमेरिका के मिल्वौकी, विस्कॉन्सिन  में हुआ और परवरिश सीडर फॉल्स में हुई। उन्होंने सीडर फॉल्स की ही रहने वालीं ‘होली शैफ्टर चारी' से शादी की है, जिनसे उनके तीन बच्चे हैं। नासा की वेबसाइट पर दी गई राजा चारी की बायोग्राफी के अनुसार, उन्होंने आयोवा के वाटरलू में कोलंबस हाई स्कूल से ग्रैजुएशन किया। कोलोराडो में अमेरिकी एयरफोर्स अकैडमी से उन्होंने एस्ट्रोनॉटिकल इंजीनियरिंग में ग्रैजुएशन की डिग्री ली। उन्हें मैसाचुसेट्स इंस्ट...

ईंधन खत्‍म होते ही तारे में हुआ विस्‍फोट, बना शानदार सुपरनोवा, देखें तस्‍वीर

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जब किसी तारे में विस्‍फोट होता है, तो वह बहुत अधिक चमकदार हो जाता है। इसे सुपरनोवा कहते हैं। हम यह आपको इसलिए बता रहे हैं, क्‍योंकि यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी (ESO) ने कार्टव्हील आकाशगंगा में हुए एक विस्फोट को तस्‍वीरों में कैद किया है। यह विस्‍फोट एक तारे में हुआ। इस सुपरनोवा का नाम SN2021afdx है, जिसे टाइप II सुपरनोवा के तौर पर पहचाना गया है। इस प्रकार का सुपरनोवा तब बनता है, जब एक बड़े तारे का ईंधन यानी फ्यूल खत्म हो जाता है। यह ईंधन तारे के गुरुत्‍वाकर्षण के लिए जरूरी होता है और उसे ढहने से बचाता है। इस सुपरनोवा में हाइड्रोजन भी है। ESO की इमेज में इस चमकदार सुपरनोवा को निचले-बाएंं कोने पर देखा जा सकता है।    दो अंगूठियों के आकार वाली कार्टव्हील आकाशगंगा पृथ्‍वी से 500 मिलियन प्रकाशवर्ष दूर स्थित है। यह एक स्‍पाइरल आकाशगंगा है, जो कई लाख साल पहले अपनी पड़ोसी एक छोटी आकाशगंगा से मिल गई थी। इसी वजह से इसकी दो-अंगूठी वाली आकृति बन गई थी। इसमें स्थित तारे में हुए विस्‍फोट को तस्‍वीरों में कैद करने के लिए ESO के न्यू टेक्नोलॉजी टेलीस्कोप (NTT) का इस्‍तेमाल किया गया। यह टे‍लीस्‍कोप च...