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‘Streets for People Challenge’ क्या है?

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First Published: January 21, 2022 | Last Updated:January 21, 2022 ‘Streets for People Challenge’ आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम है। इस इवेंट के परिणाम हाल ही में घोषित किए गए। ‘Streets for People Challenge’ के साथ-साथ ‘India Cycles4Change Challenge’ ने सड़कों को साइकल फ्रेंडली, वॉकिंग फ्रेंडली और चाइल्ड फ्रेंडली बनाने के लिए बदलाव लाए।  परिणाम लगभग 11 शहरों ने “स्ट्रीट्स फॉर पीपल चैलेंज अवार्ड” जीता है। वे औरंगाबाद, बेंगलुरु, गुरुग्राम, कोच्चि, नागपुर, पिमरी चिंचवाड़, पुणे, उदयपुर, कोहिमा, उज्जैन और विजयवाड़ा हैं। दस शहरों ने “Nurturing Neighbourhood Challenge” पुरस्कार जीता है। वे बेंगलुरु, हुबली-धारवाड़, इंदौर, जबलपुर, काकीनाडा, कोच्चि, कोहिमा, राउरकेला, वडोदरा, वारंगल हैं। Nurturing Neighbourhood Challenge ‘Nurturing Neighbourhood Challenge’ बचपन के अनुकूल पड़ोस बनाने पर केंद्रित है। ये शहर अब अगले स्तर में प्रवेश करेंगे। अगले स्तर पर, शहरों द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं को बढ़ाया जाएगा। लगभग 60 शहर की एजेंसियों ने...

जम्मू-कश्मीर में सुगंधित पौधों की खेती पर जागरूकता अभियान शुरू किया गया

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First Published: January 19, 2022 | Last Updated:January 19, 2022 जम्मू-कश्मीर के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लक्ष्य के साथ सरकार ने जम्मू-कश्मीर में एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। मुख्य बिंदु कश्मीर में सुगंधित पौधों (aromatic plants) की खेती, प्रसंस्करण को लेकर उत्पादकों के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। जलवायु की दृष्टि से, कश्मीर घाटी विभिन्न प्रकार की सब्जियों, फलों और अच्छी मात्रा में पौधों की सामग्री के उत्पादन के लिए उपयुक्त है जिसका उपयोग औषधीय और सुगंधित गतिविधियों में किया जा सकता है। इस कार्यक्रम में उत्पादकों ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य युवाओं को सुगंधित पौधों की खेती में शामिल करने के लिए जागरूकता पैदा करना है। अभियान का महत्व इन पौधों की मदद से उत्पादक और युवा उद्यमी अपनी इकाइयां स्थापित कर सकते हैं। वे रोजगार पैदा करने के लिए अन्य लोगों को भी शामिल करेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें खेती और प्रसंस्करण का ज्ञान मिलेगा। इस कार्यक्रम के तहत, वैज्ञानिक और विद्वान अपने ज्ञान को साझा करते हैं ताकि उत्पादकों ...

हाइब्रिड आतंकवादी (Hybrid Terrorists) कौन हैं?

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First Published: January 19, 2022 | Last Updated:January 19, 2022 हाइब्रिड आतंकवादी वे लोग होते हैं जिन्हें आतंकवादी समूहों द्वारा केवल एक या दो मिशनों को अंजाम देने के लिए लाया जाता है। वे मूल रूप से आतंकवादी समूहों की सहायता करते हैं। उदाहरण के लिए, आतंकवादियों को हथियार रखने की अनुमति देने वाले दुकानदार, सूचना देने वाले लोग आदि हाइब्रिड आतंकवादी हैं। वे अस्थायी या अनुबंध मजदूरों की तरह होते हैं। वे आतंकवादी समूह का हिस्सा नहीं होते हैं। हालांकि, वे एक विशिष्ट कार्य को अंजाम देने के लिए प्रशिक्षित होते हैं। भारत में हाइब्रिड आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में हाईब्रिड आतंकी बढ़ते जा रहे हैं। आतंकवादी समूह राजनीतिक कार्यकर्ताओं, नागरिकों और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को हाइब्रिड आतंकवादी में बदलने के लिए उन्हें निशाना बना रहे हैं। इन हाइब्रिड आतंकवादियों को आतंकवादी समूहों द्वारा कट्टर बनाया जाता है। फिर उन्हें स्टैंडबाय मोड पर रखा जाता है। उन्हें आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए सही समय पर लॉन्च किया जाता है। हाइब्रिड आतंकवादियों को लक्ष्य को मारने के लिए प्र...

राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (National Technical Textiles Mission) क्या है?

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First Published: January 18, 2022 | Last Updated:January 18, 2022 17 जनवरी, 2022 को कपड़ा मंत्रालय ने विशेष फाइबर और जिओ-टेक्सटाइल के क्षेत्रों में 30 करोड़ रुपये की 20 रणनीतिक अनुसंधान परियोजनाओं को मंजूरी दी। मुख्य बिंदु ये परियोजनाएं सरकार के प्रमुख कार्यक्रम ‘राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन’ के अंतर्गत आती हैं। 20 अनुसंधान परियोजनाओं में से, विशेष फाइबर की 16 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। उसमे शामिल हैं: स्वास्थ्य सेवा में 5 परियोजनाएं औद्योगिक और सुरक्षात्मक क्षेत्र में 4 परियोजनाएं ऊर्जा भंडारण में 3 परियोजनाएं कपड़ा अपशिष्ट पुनर्चक्रण में 3 परियोजनाएं कृषि क्षेत्र में 1 परियोजना जियो-टेक्सटाइल (इन्फ्रास्ट्रक्चर) में 4 परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए रणनीतिक परियोजनाओं को मंजूरी देने वाले सत्र में कई प्रमुख भारतीय संस्थानों, उत्कृष्टता केंद्रों और IIT, BTRA, DRDO, आदि सहित सरकारी संगठनों ने भाग लिया। ये परियोजनाएं विशेष रूप से हेल्थकेयर, एनर्जी स्टोरेज, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्रियल एंड प्रोटेक्टिव, टेक्सटाइल वे...

जम्मू-कश्मीर में शुरू किया जायेगा जिला स्तरीय सुशासन सूचकांक (District Level Good Governance Index)

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First Published: January 4, 2022 | Last Updated:January 4, 2022 जम्मू और कश्मीर केंद्र में जिला स्तरीय सुशासन सूचकांक (District Level Good Governance Index) शुरू किया जायेगा। यह सूचकांक सुशासन सूचकांक 2021 पर आधारित है। जिला सुशासन सूचकांक क्या है? यह सूचकांक जम्मू और कश्मीर के विभिन्न जिलों में शासन का आकलन करेगा। इसकी गणना दस अलग-अलग क्षेत्रों में 58 संकेतकों पर विचार करके की जाएगी।  Centre for Good Governance (CGG) ने इस सूचकांक की रूपरेखा बनाने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की। प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (DARPG) इस को सूचकांक तैयार करेगा। इस सूचकांक की गणना 10 क्षेत्रों जैसे नागरिक केंद्रित शासन, सार्वजनिक सुरक्षा और न्यायपालिका, कल्याण और विकास, आर्थिक शासन, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और उपयोगिताओं, सार्वजनिक स्वास्थ्य, मानव संसाधन विकास, वाणिज्य और उद्योग में जिलों के प्रदर्शन के आधार पर की जाएगी। महत्व यह सूचकांक जम्मू और कश्मीर को अपने जिला प्रशासन को देश के अन्य सर्वोत्तम प्रशासित जिलों के स्तर तक बढ़ाने में मदद करेगा। अगला कदम सुशासन क...