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डीजल लोकोमोटिव में बायो-डीजल का उपयोग करेगा भारतीय रेलवे

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First Published: April 18, 2022 | Last Updated:April 18, 2022 भारतीय रेलवे (Indian Railways) बायो-डीजल का उपयोग करके अपने डीजल इंजनों के बेड़े को चलाने की योजना बना रहा है। भारतीय रेलवे ने संसद को सूचित किया है कि अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन (Research Designs and Standards Organisation – RDSO) द्वारा डीजल इंजनों के संचालन के लिए B-5 बायो-डीजल का परीक्षण किया गया है। मुख्य बिंदु  प्रारंभ में, रेलवे द्वारा इसके उपयोग को अनिवार्य बनाने से पहले पायलट आधार पर डीजल इंजनों को चलाने के लिए बायो-डीजल का उपयोग किया जा सकता है। बायो-डीजल के उपयोग से रेलवे के डीजल बिल में बचत करने में मदद मिलेगी। बायो-डीजल उत्सर्जन को कम करने में भी मदद करेगा, जिससे प्रदूषण कम होगा। 2018-19 में माल ढुलाई, करों सहित हाई-स्पीड डीजल की लागत 18,587.14 करोड़ रुपये थी, जबकि 2019-20 में यह 16,030.58 करोड़ रुपये थी। भारतीय रेलवे के डीजल खर्च में गिरावट की उम्मीद है क्योंकि रेलवे 2023 के अंत तक 100% विद्युतीकरण हासिल करने की कोशिश कर रहा है, हालांकि डीजल इंजनों का उपयोग माल ढुलाई के उ...

स्विस एयरलाइन्स बनेगी सौर ईंधन का उपयोग करने वाली पहली एयरलाइन

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First Published: March 4, 2022 | Last Updated:March 4, 2022 लुफ्थांसा की सहायक कंपनी स्विस एयर लाइन्स (Swiss Air Lines) सौर ईंधन का उपयोग करने वाली दुनिया की पहली एयरलाइन बनने की योजना बना रही है। मुख्य बिंदु  लुफ्थांसा और स्विस ने बाजार में लॉन्च के लिए निर्माता सिनहेलियन (Synhelion) के साथ रणनीतिक सहयोग शुरू किया है। इस साल जर्मनी के नॉर्थ-राइन वेस्टफेलिया राज्य के जुलिच में औद्योगिक उत्पादन के लिए पहला प्लांट बनाया जायेगा। 2023 में ‘स्विस’ इसका पहला ग्राहक होगा। इस सौदे के तहत, लुफ्थांसा समूह और ‘स्विस’ स्पेन में वाणिज्यिक ईंधन उत्पादन सुविधाओं को विकसित करने में मदद करेंगे जिनकी योजना Synhelion द्वारा बनाई गई है। यह ईंधन कैसे उत्पन्न होता है? स्विट्ज़रलैंड में स्विस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से स्पिनऑफ, सिन्हेलियन द्वारा अक्षय ऊर्जा स्रोतों से सतत विमानन ईंधन (SAF) के उत्पादन के लिए प्रौद्योगिकी विकसित की गई है। Syngas (synthesis gas) केंद्रित सौर ताप द्वारा निर्मित होती है, जिसे बाद में मिट्टी के तेल में परिवर्तित किया जा सकता है। एयरलाइन के अन...

स्पुतनिक लाइट (Sputnik Light) के लिए आपातकालीन उपयोग की अनुमति दी गई

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First Published: February 10, 2022 | Last Updated:February 10, 2022 भारत के औषधि महानियंत्रक (Drugs Controller General of India) ने हाल ही में स्पुतनिक लाइट COVID-19 वैक्सीन के लिए आपातकालीन उपयोग की अनुमति दी है। केंद्रीय औषधि प्राधिकरण के विशेषज्ञ पैनल ने इसकी सिफारिश की थी। इसके साथ स्पुतनिक लाइट देश में नौवां COVID-19 वैक्सीन बन गया है। स्पुतनिक लाइट (Sputnik Light) यह स्पुतनिक-वी वैक्सीन के समान ही है। डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरी ने देश में स्पुतनिक लाइट के आयात और वितरण का प्रस्ताव पेश किया है। वर्तमान में 29 देशों में स्पुतनिक लाइट का उपयोग किया जाता है। इसमें अर्जेंटीना और रूस शामिल हैं। रूस की रिपोर्टों से पता चला है कि स्पुतनिक लाइट की दक्षता 65.4% है। यह एक बूस्टर शॉट है। बूस्टर शॉट का मतलब है टीके की एक और खुराक। यह खुराक तब प्रदान की जाती है जब रोग के प्रति प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। एक टीके की पहली खुराक मानव शरीर को प्रभावित करती है। दूसरी खुराक इम्यून सिस्टम को बूस्ट करती है। बूस्टर खुराक तब दी जाती है जब समय के साथ प्रतिरक्षा प्रणाली वा...