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चुनावी अखंडता पर लोकतंत्र समूह (Democracy Cohort on Election Integrity) क्या है?

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First Published: May 21, 2022 | Last Updated:May 21, 2022 चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि वह 100 लोकतांत्रिक देशों के सहयोग से ‘लोकतंत्र के लिए शिखर सम्मेलन’ के हिस्से के रूप में ‘चुनाव अखंडता पर लोकतंत्र समूह’ का नेतृत्व करेगा। इस शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के साथ विशेषज्ञता और अनुभव साझा किया जाएगा। मुख्य बिंदु  इस शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक देशों, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज संगठनों, मीडिया आदि के नेता भाग लेंगे। भारतीय चुनाव आयोग विभिन्न EMBs की जरूरतों के अनुसार दुनिया भर में विभिन्न चुनाव प्रबंधन निकायों (Election Management Bodies – EMBs) को क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करेगा। डेमोक्रेसी कोहोर्ट प्लेटफॉर्म क्या है? यह एक विषयगत, बहु-हितधारक समूह है जो नागरिक समाज और आधिकारिक सरकार की भागीदारी के लिए खुला है। इस मंच के तहत जिन कुछ विषयों पर चर्चा की जाएगी, वे हैं: स्वतंत्र और स्वतंत्र मीडिया चुनाव की सत्यनिष्ठा लोकतांत्रिक सुधारकों को मजबूत करना भ्रष्टाचार से लड़ना डिजिटल शासन लोकतंत्र के लि...

असम : स्थानीय चुनावों में बैलट पेपर की जगह EVM का इस्तेमाल किया जायेगा

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First Published: March 9, 2022 | Last Updated:March 9, 2022 असम के मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई बैठक में गुवाहाटी नगर निगम के चुनावों में कागजी मतपत्रों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) से बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। मुख्य बिंदु  गुवाहाटी नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2022 को मतपत्रों को EVM से रीप्लेस करने के लिए जो मंजूरी दी गई थी, यह घोषणा चुनावों में दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM)  इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) वोटिंग मशीन हैं जो वोट डालने और गिनने में मदद करती हैं। मतदान इकाई और नियंत्रण इकाई ईवीएम के दो भाग हैं। एक केबल इन इकाइयों को आपस में जोड़ती है। पीठासीन अधिकारी या मतदान अधिकारी EVM की कंट्रोल यूनिट का प्रभारी होता है। बैलेट यूनिट को वोटिंग कंपार्टमेंट में रखा जाता है ताकि कोई व्यक्ति अपना वोट डाल सके। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि मतदान अधिकारी किसी की पहचान की पुष्टि कर सके। मशीन पर उम्मीदवारों के नाम और/या प्रतीकों की एक सूची होती है जिसके ...

चुनावी बांड (Electoral Bonds) की 19वीं किश्त को मंजूरी दी गई

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First Published: December 31, 2021 | Last Updated:December 31, 2021 केंद्र सरकार ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले 31 दिसंबर, 2021 को चुनावी बांड की 19 वीं  किश्त जारी करने को मंजूरी दी । मुख्य बिंदु  चुनावी बांड की बिक्री 1 जनवरी से 10 जनवरी 2022 तक खुली रहेगी। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को अपनी 29 अधिकृत शाखाओं के माध्यम से बांड जारी करने और भुनाने के लिए अधिकृत किया गया है। 5 राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और गोवा में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी बांड क्या है? चुनावी बांड एक वित्तीय साधन है, जिसका उपयोग राजनीतिक दलों को चंदा देने के लिए किया जाता है। ये बांड बिना किसी अधिकतम सीमा के 1000, 10000, 1 लाख, 10 लाख और 1 करोड़ रुपये के गुणकों में जारी किए जाते हैं। इन बांडों को जारी करने वाला SBI एकमात्र अधिकृत बैंक है। जारी होने की तारीख से, यह बांड पंद्रह दिनों के लिए वैध होते हैं। उन्हें एक पंजीकृत राजनीतिक दल के नामित खाते में भुनाया जा सकता है। इसमें दान देने वाले व्यक्ति के नाम का जिक्र नहीं होता है। बांड कौन खरीद ...