परम पोरुल सुपरकंप्यूटर (PARAM PORUL Supercomputer) का उद्घाटन किया गया

परम पोरुल नामक एक अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन 25 तारीख को NIT तिरुचिरापल्ली में किया गया। यह सुपरकंप्यूटिंग सुविधा राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (National Supercomputing Mission – NSM) के चरण 2 के तहत स्थापित की गई है। इस सुपरकंप्यूटर को बनाने के लिए जिन घटकों का उपयोग किया गया है, उनमें से अधिकांश भारत में इकट्ठे और निर्मित किए गए हैं। इसमें सॉफ्टवेयर स्टैक शामिल है जिसे सरकार की मेक इन इंडिया पहल के अनुरूप Centre for Development in Advanced Computing (C-DAC) द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। NIT तिरुचिरापल्ली कृषि, स्वास्थ्य, वित्तीय सेवाओं और मौसम जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान कर रहा है।

परम पोरुल सिस्टम

यह सिस्टम डायरेक्ट कॉन्टैक्ट लिक्विड कूलिंग तकनीक पर आधारित है ताकि यह उच्च शक्ति उपयोग प्रभावशीलता प्राप्त कर सके। यह परिचालन लागत को कम करने में मदद करता है। इस सिस्टम को निम्नलिखित के मिश्रण से सुसज्जित किया गया है:

  • GPU नोड्स
  • CPU नोड्स
  • हाई थ्रूपुट स्टोरेज
  • हाई मेमोरी नोड्स

इन सभी को विभिन्न इंजीनियरिंग और वैज्ञानिक अनुप्रयोगों की कंप्यूटिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए इस प्रणाली में सुसज्जित किया गया है।

परम पोरुल प्रणाली को स्थापित करने के लाभ

यह सुविधा NSM के तहत स्थापित की गई है और विभिन्न क्षेत्रों में अनुसंधान को मजबूत करेगी। यह सुपर कम्प्यूटेशनल सुविधा इंजीनियरिंग और विज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक समस्याओं को हल करने के लिए शोधकर्ताओं की सहायता भी करेगी। यह सुविधा भारतीय उद्योगों और शिक्षा जगत में किए जाने वाले अनुसंधान और विकास पहलों को भी बढ़ावा देगी। इसके अलावा, इस प्रणाली पर, विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों से कई अनुप्रयोग स्थापित किए गए हैं जैसे:

  • बायोइनफॉरमैटिक्स
  • मौसम और जलवायु
  • आणविक गतिशीलता
  • कम्प्यूटेशनल रसायन विज्ञान
  • कम्प्यूटेशनल तरल सक्रिय
  • सामग्री विज्ञान

राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (National Supercomputing Mission) क्या है?

NSM को वर्ष 2015 में सात वर्षों में 4500 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से लॉन्च किया गया था। NSM का उद्देश्य एक विशाल सुपरकंप्यूटिंग ग्रिड स्थापित करके देश के अनुसंधान एवं विकास और शैक्षणिक संस्थानों को सशक्त बनाना है जिसमें 70 से अधिक उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग सुविधाएं शामिल होंगी। आज तक, NSM के तहत, पूरे देश में कंप्यूटिंग क्षमता के 24 पेटाफ्लॉप के साथ 15 सुपर कंप्यूटर स्थापित किए गए हैं। वे सभी स्वदेशी रूप से विकसित हैं और स्वदेशी रूप से विकसित सॉफ्टवेयर स्टैक के साथ काम कर रहे हैं। इस मिशन का उद्देश्य High-Performance Computing (HPC) जागरूक मानव संसाधन विकसित करना है ताकि इन अनुप्रयोगों को विकसित करने की चुनौतियों का सामना किया जा सके।

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