2022 में 263 मिलियन लोग गरीबी में चले जाएंगे : Oxfam रिपोर्ट

ऑक्सफैम की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में सवा अरब से ज्यादा लोग गरीबी में चले जाएंगे। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दुनिया भर में वित्तीय संकट रूस-यूक्रेन संकट और COVID-19 से संबंधित आर्थिक संकट के कारण कीमतों में वृद्धि से प्रेरित होगा।

मुख्य बिंदु 

  • COVID-19 के साथ रूस-यूक्रेन संकट दुनिया भर में अमीर और गरीब के बीच की खाई को और चौड़ा कर रहा है।
  • महामारी की शुरुआत के बाद से, दुनिया भर में लगभग 3.3 बिलियन लोग गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं, जबकि हर 26 घंटे में एक नया व्यक्ति अरबपति बन रहा है।
  • ऑक्सफैम रिपोर्ट के अनुमान विश्व बैंक के अनुमानों के साथ-साथ विश्व बैंक और सेंटर फॉर ग्लोबल डेवलपमेंट द्वारा किए गए पहले के शोध पर आधारित हैं।
  • यह रिपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वसंत बैठकों से पहले जारी की गई है।

रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएं

2022 में COVID-19, खाद्य कीमतों में वृद्धि, और असमानता 263 मिलियन अधिक लोगों को अत्यधिक गरीबी में धकेल सकती है। इसका परिणाम यह होगा कि दुनिया भर में कुल 860 मिलियन लोग प्रतिदिन 1.90 अमेरिकी डॉलर से नीचे अपना गुज़ारा करेंगे। इससे गरीबी के खिलाफ लड़ाई में दशकों की प्रगति को उलटकर असाधारण नुकसान होगा। महामारी के कारण, लोगों ने अपनी नौकरी और बचत खो दी, जबकि खाद्य कीमतों में 2011 के संकट की तुलना में अधिक वृद्धि हुई है। इसकी तुलना में, अरबपति काफी ज्यादा कमाई कर रहे हैं, क्योंकि वे  मुनाफे को बढ़ाने के लिए मुद्रास्फीति के माहौल का फायदा उठा रहे हैं। दुनिया भर में तेल कंपनियां भारी मुनाफा कमा रही हैं।

दुनिया के 10 सबसे अमीर लोगों की नेटवर्थ

इस रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के 10 सबसे अमीर लोगों ने महामारी के दौरान अपनी आय को दोगुना कर दिया। साथ ही, इसी अवधि के दौरान, 2,744 छोटे अरबपतियों ने पिछले 14 वर्षों की तुलना में अपनी नेटवर्थ में अभूतपूर्व वृद्धि देखी।

गरीबी में असमान वृद्धि

गरीबी में यह वृद्धि दुनिया भर में असमान रूप से फैली हुई है। उप-सहारा अफ्रीकी देशों में, उपभोक्ता खर्च का 40% खाद्य लागत पर खर्च किया जाता है जबकि उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में यह आंकड़ा आधा है। विकासशील ऐसे राष्ट्र ऋण स्तर देख रहे हैं जो अब तक नहीं देखे गए थे। दुनिया के सबसे गरीब देशों को कर्ज चुकाने के लिए 43 अरब डॉलर की जरूरत है।

सुझाई गईं योजनाएं

आर्थिक बचाव योजनाओं का सुझाव दिया गया है। गरीब देशों में, उन्हें मुद्रास्फीति से बचाने के लिए नकद हस्तांतरण और मुख्य भोजन पर मूल्य वर्धित करों में कटौती की जानी चाहिए। साथ ही, निम्न और निम्न-मध्यम आय के दायरे में आने वाले देशों के लिए, विश्व बैंक को वर्ष 2022 और 2023 के लिए ऋण भुगतान को रद्द कर देना चाहिए। साथ ही, अमीरों पर कराधान लागू किया जाना चाहिए। 5 मिलियन डालर से अधिक की व्यक्तिगत संपत्ति पर 2% कर, 50 मिलियन डालर से अधिक की संपत्ति के लिए 3% और 1 बिलियन डालर से अधिक की संपत्ति पर 5%  लगाया जाना चाहिए। इससे 2.52 ट्रिलियनडॉलर जुटाए जाएंगे और 2.3 बिलियन लोगों को गरीबी से बचाया जा सकता है। IMF के तहत, यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष आहरण अधिकारों (special drawing rights) को फिर से आवंटित किया जाना चाहिए। साथ ही, निम्न-आय वाले देशों की आपातकालीन सहायता बढ़ाई जानी चाहिए।

Categories: अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स

Tags:Oxfam , असमानता , गरीबी , निर्धनता , हिंदी करेंट अफेयर्स , हिंदी समाचार

https://myrevolution.in/current-affair-hindi/2022-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-263-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ac%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/?feed_id=20813&_unique_id=625a8d7be824c

Comments

Popular posts from this blog

Disney+ Iron Man Spinoff, Ironheart, Casts Harper Anthony

January 10 Today in Indian History

June 20 Today in Indian History