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बिग बैंग के तुरंत बाद नहीं बना था यूनिवर्स, वैज्ञानिकों ने शेयर की चौंकाने वाली जानकारियां

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अंतरिक्ष में कुछ दूर की वस्तुओं से प्रकाश का विश्लेषण करते हुए, एस्ट्रोनॉमर्स की एक टीम ने हमारे यूनिवर्स के बनने में हुई कई महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक के बारे में कुछ अहम जानकारियां इकट्ठी की हैं। रिसर्चर्स की इस टीम ने पता लगाया है कि उन्होंने जितना सोचा था, उससे बहुत बाद में कॉस्मिक डॉन (Cosmic Dawn) समाप्त हुआ था। यदि आप सोच रहे हैं कि कॉस्मिक डॉन का क्या मतलब है, तो बता दें कि बिग बैंग विस्फोट के बाद यूनिवर्स के निर्माण के लिए मंच तैयार होने के बाद भी यह लाखों वर्षों तक हाइड्रोजन से घिरा रहा। इसके बाद, बिल्कुल नए बने तारों और गैलेक्सी से लाइट ने हाइड्रोजन को आयनित किया और इसे छांट दिया और इस तरह धीरे-धीरे इसे गायब कर दिया। इस अवधि को एस्ट्रोनॉमर्स ने कॉस्मिक डॉन के रूप में वर्णित किया है। वैज्ञानिकों और रिसर्चर्स यह निर्धारित करने में सक्षम हैं कि कॉस्मिक डॉन कब शुरू हुआ, लेकिन इसका अंत बहस का विषय बना हुआ है। इस रहस्य पर और रोशनी डालने के लिए, मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट फॉर एस्ट्रोनॉमी, जर्मनी के एस्ट्रोनॉमर्स की एक टीम ने बेहद दूर की वस्तुओं से लाइट का उपयोग किया और निष्कर्ष ...

GST परिषद की सिफारिशें केंद्र, राज्यों पर बाध्यकारी नहीं हैं : सुप्रीम कोर्ट

First Published: May 23, 2022 | Last Updated:May 23, 2022 सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद की सिफारिशें केंद्र और राज्यों पर बाध्यकारी नहीं हैं। मुख्य बिंदु सुप्रीम कोर्ट ने माना कि GST परिषद की सिफारिशों का केवल एक प्रेरक मूल्य (persuasive value) है और वे प्रकृति में बाध्यकारी नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 246A (जो राज्यों को वस्तुओं और सेवाओं पर कर लगाने की शक्ति देता है) संघ और राज्यों को “बराबर मानता है, इसलिए संसद और राज्य विधानसभाओं के पास माल और सेवा कर पर कानून बनाने की समान शक्तियाँ हैं। GST परिषद क्या है? यह एक संवैधानिक निकाय (अनुच्छेद 279-A) है जो वस्तु और सेवा कर (GST) से संबंधित मामलों पर केंद्र और राज्य सरकार को सिफारिशें देता है। यह केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में केंद्र और राज्यों का एक संयुक्त मंच है। GST परिषद के निर्णयों के लिए उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के भारित मतों के कम से कम तीन-चौथाई बहुमत की आवश्यकता होती है। किसी भी बैठक को आयोजित करने के...

मंगल ग्रह की यात्रा में 500 नहीं सिर्फ 45 दिन लगेंगे, जानें क्‍या है रिसर्चर्स का आइडिया

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अंतरिक्ष के छुपे हुए रहस्‍यों को खोजने के लिए दुनियाभर की स्‍पेस एजेंसियां काम कर रही हैं। प्राइवेट कंपनियों ने भी अपने कमर्शल वेंचर्स के साथ इस क्षेत्र में कदम रखा है। अमेरिका और चीन जैसे देशों की नजर मंगल (Mars) ग्रह पर है। दोनों ही देश अगले दशक तक मंगल ग्रह पर इंसानों को उतारने का लक्ष्‍य लेकर चल रहे हैं। इस मकसद की तारीफ तो की जानी चाहिए, लेकिन साथ ही कई तकनीकी चुनौतियां भी हैं। उदाहरण के लिए, मंगल ग्रह के लिए एक मिशन हर 26 महीने में सिर्फ एक बार लॉन्‍च किया जा सकता है। ऐसा इसलिए, क्‍योंकि मंगल और पृथ्‍वी अपने नजदीकी बिंदु पर होते हैं। इसके बाद भी जो तकनीक मौजूद है, उसकी मदद से पृथ्‍वी से मंगल तक पहुंचने में 9 महीनों का वक्‍त लगेगा। यही वजह है कि अंतर‍िक्ष यात्रा को बदलने के लिए नए विचारों की जरूरत महसूस होती है।    इसका सॉल्‍यूशन लेकर आया है कनाडा की मैकगिल यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स का एक ग्रुप। उनका कहना है कि अगर अंतरिक्ष यान उनके द्वारा बताई गई संचालक शक्ति प्रणाली (propulsion system) का इस्‍तेमाल करता है, तो पृथ्वी-मंगल की यात्रा का समय घटाकर सिर्फ 45 दिन किया जा सकता है। ...

RBI की मौद्रिक नीति समिति ने प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया

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First Published: February 11, 2022 | Last Updated:February 11, 2022 10 फरवरी, 2022 को RBI की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee – MPC) ने प्रमुख ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा। इसने केंद्रीय बजट 2022 के बाद अपनी पहली नीति में समायोजन का रुख बरकरार रखा। मुख्य बिंदु  यह लगातार दसवीं बार है जब MPC ने यथास्थिति बनाए रखी है। तीन दिवसीय MPC बैठक 8 फरवरी को शुरू हुई और 10 फरवरी को समाप्त हुई। MPC का अहम फैसला MPC ने रेपो दर के साथ-साथ रिवर्स रेपो दर को क्रमशः 4% और 3.35% पर अपरिवर्तित रखा है। यह उच्च मुद्रास्फीति की पृष्ठभूमि में ‘समायोज्य’ रुख के साथ जारी रहा। RBI ने वित्तीय वर्ष 2023 के लिए सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 7.8% रहने का अनुमान लगाया है। वित्तीय वर्ष 2022 में 9.2% की वास्तविक जीडीपी वृद्धि अर्थव्यवस्था को महामारी पूर्व स्तर से ऊपर ले जाएगी। वित्त वर्ष 2022 के लिए CPI मुद्रास्फीति पूर्वानुमान 5.3% रखा गया है। वित्त वर्ष 22 में चालू खाता घाटा जीडीपी के 2 प्रतिशत से नीचे था। इसने ई-वाउचर की सीमा को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपय...

सुपरसोनिक जेट नहीं करेंगे ‘शोर’, NASA ने विंड टनल में किया टेस्‍ट

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भविष्‍य में सुपरसोनिक फ्लाइट्स लोगों के उपर से गुजर सकें, इसे हकीकत बनाने के लिए नासा (NASA) ने अपने ‘शांत' सुपरसोनिक जेट के स्केल-डाउन मॉडल को विंड टनल में टेस्‍ट किया है। मौजूदा वक्‍त में कम्‍युनिटीज के उपर से सुपरसोनिक उड़ानों पर बैन है। इसकी वजह है इन विमानों से निकलने वाली बहुत तेज आवाज। सोनिक बूम लगभग 110 डेसिबल के आसपास साउंड एनर्जी पैदा करते हैं। सुपरसोनिक उड़ानों को कम शोर करने वाला बनाने के लिए नासा बूम-रिड्यूसिंग तकनीक पर काम कर रही है। इसके सफल होने पर भविष्‍य में उड़ानें तेज होंगी और लोगों को एक जगह से दूसरी जगह तक विमान यात्रा में कम समय लगेगा। यह टेस्‍ट 8x6 फीट की ‘सुपरसोनिक विंड टनल' के अंदर किया गया। इस साल के आखिर तक कई और टेस्‍ट किए जाएंगे।  इंस्टाग्राम अपडेट में नासा ने स्केल-डाउन X-59 क्‍वाइड सुपरसोनिक टेक्‍नॉलजी (QueSST) नाम के एक्‍सपेरिमेंटल एयरक्राफ्ट की दो इमेजेस शेयर की हैं।  नासा ने कहा, ‘शांत सुपरसोनिक उड़ान? हम इस पर काम कर रहे हैं।' इस फुल-स्‍केल एयरक्राफ्ट का निर्माण नासा और लॉकहीड मार्टिन द्वारा किया जा रहा है। नासा की तैयारी इस साल फुल-...

ऐसी होंगी Future cars, बिना हेडफोन सुन सकेंगे सॉन्‍ग, सामने वाले को नहीं आएगी आवाज

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रोड ट्र‍िप्‍स तब मुश्किलों से भर जाती हैं, जब उनमें किसी और की पसंद का म्‍यूजिक सुनना पड़ता है। जैसे- आपको पसंद हैं नाइंटीज के मेलॉडी सॉन्‍ग और सामने वाला दमदार बैस वाले पंजाबी गाने बजा दे। हेडफोन इसका एक सॉल्‍यूशन जरूर हैं, लेकिन लंबी रोड ट्रिप्‍स में उनके साथ बैठे रहना कानों के लिए दुखदायी हो जाता है। कैसा हो अगर आप गाड़ी में बिना हेडफोन के अपनी पसंद का गाना सुन पाएं और वह किसी और को भी ना सुनाई दे। साउंड की दुनिया की यह कल्‍पना फ्यूचर में हकीकत बन सकती है। फ्रांस में रिसर्चर्स ऐसा ही एक पर्सनल साउंड जोन देने पर काम कर रहे हैं, जो आपकी कार में कंडीशन के हिसाब से ढल जाता है।  रिसर्चर्स का मानना है कि कार में इस तरह के पर्सनल साउंड जोन से आपको बाहर की आवाज आए बिना अच्‍छी तरह से सुनने की तकनीक मिल सकती है। हर कोई कार में अपनी पसंद का म्‍यूजिक सुन सकेगा, वह भी बिना हेडफोन लगाए। जीपीएस का अलर्ट सिर्फ ड्राइवर को मिलेगा और आप इसी तरह फोन कॉल भी कर सकेंगे।    मल्‍टीपल लाउडस्पीकर की मदद से साइंटिस्‍ट पर्सनल साउंड जोन बनाने पर काम कर रहे हैं। इन मल्‍टीपल स्‍पीकर की खूबी यह है कि ये सभी एक...