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HomoSEP: सेप्टिक टैंक को साफ करने के लिए IIT मद्रास ने रोबोट बनाया

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First Published: June 21, 2022 | Last Updated:June 21, 2022 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास ने सेप्टिक टैंक को साफ करने और भारत में हाथ से मैला ढोने की प्रथा को खत्म करने के लिए एक रोबोट विकसित किया है। इसे फील्ड में लगाने की तैयारी है। इस रोबोट का नाम HomoSEP है। मुख्य बिंदु  पूरे तमिलनाडु में कुल दस रोबोट तैनात करने की योजना है। शोधकर्ता स्थानों की पहचान के लिए स्वच्छता कार्यकर्ताओं के संपर्क में हैं। महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ स्थानों पर भी विचार किया जा रहा है। यह रोबोट किसने विकसित किया है? HomoSEP रोबोट को IIT मद्रास के प्रो. प्रभु राजगोपाल के नेतृत्व में एक टीम ने IIT मद्रास-इनक्यूबेटेड स्टार्ट-अप सोलिनास इंटीग्रिटी प्राइवेट लिमिटेड (Solinas Integrity Private Limited) के सहयोग से विकसित किया है। यह सफाई कर्मचारी आंदोलन  एनजीओ द्वारा भी समर्थित है, जो भारत में मैला ढोने की प्रथा को खत्म करने के लिए समर्पित है। सेप्टिक टैंक कैसे खतरनाक हैं? सेप्टिक टैंक एक जहरीला वातावरण है। यह अर्ध-ठोस और अर्ध-द्रव मानव मल सामग्री से भरा होता है।...

‘हेलिना’ (HELINA) एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का परीक्षण किया गया

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First Published: April 14, 2022 | Last Updated:April 14, 2022 हेलिना, एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM), जो नाग मिसाइल का हेलीकॉप्टर-लॉन्चड संस्करण है, का 12 अप्रैल, 2022 को फिर से परीक्षण किया गया था। यह परीक्षण देश के उत्तरी उच्च ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में 11 तारीख को सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद पोखरण में किया गया था। मुख्य बिंदु  यह परीक्षण इस मिसाइल की तीसरी पीढ़ी की ‘फायर-एंड-फॉरगेट’ श्रेणी की मिसाइल के चल रहे उपयोगकर्ता सत्यापन परीक्षणों (user validation trials) के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया था। इस मिसाइल को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित किया गया है। इस परीक्षण के दौरान, मिसाइल द्वारा एक नकली टैंक लक्ष्य को सटीक रूप से नष्ट किया गया। इस मिसाइल को वायु सेना और सेना दोनों में हेलिकॉप्टरों के साथ एकीकृत करने के लिए विकसित किया गया है। ध्रुवस्त्र वह नाम है जो कभी-कभी इस मिसाइल के वायु सेना संस्करण को संदर्भित करने के लिए उपयोग किया जाता है। मिसाइल की विशेषताएं इस मिसाइल प्रणाली को दिन और रात हर मौसम में दागा जा सकता...

BDL करेगा भारतीय सेना को कोंकर्स-एम (Konkurs-M) एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल की आपूर्ति

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First Published: February 8, 2022 | Last Updated:February 8, 2022 3 फरवरी, 2022 को भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और भारतीय सेना ने कोंकर्स-एम एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों के निर्माण और आपूर्ति के लिए 3,131.82 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। मुख्य बिंदु  यह अनुबंध तीन साल में पूरा किया जाएगा। BDL की ऑर्डर बुक पोजीशन 11,400 करोड़ रुपये है, जिसमें कोंकर्स-एम कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल है। कोंकर्स-एम का निर्माण कौन कर रहा है? कोंकर्स-एम एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलों का निर्माण BDL द्वारा रूसी मूल उपकरण निर्माता (OEM) के साथ लाइसेंस समझौते के तहत किया जा रहा है। इस मिसाइल को अधिकतम सीमा तक स्वदेशी बनाया गया है। BDL मित्र देशों को निर्यात करने के लिए कोंकर्स-एम मिसाइलों की  पेशकश भी कर रहा है। कोंकर्स-एम ( Konkurs-M) कोंकर्स-एम दूसरी पीढ़ी की मेकेनाइज्ड इन्फेंट्री एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल है। इसका निर्माण विस्फोटक प्रतिक्रियाशील कवच से लैस बख्तरबंद वाहनों को नष्ट करने के लिए किया जा रहा है। इस मिसाइल को BMP-II टैंक से या ग्राउंड लॉन्चर से लॉन्च किया जा सकता है...

भारत कोविड-19 टीकों पर TRIPS छूट पर प्रस्ताव पेश किया

भारत कोविड-19 टीकों पर TRIPS छूट पर प्रस्ताव पेश किया