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कल्पना से परे अंतरिक्ष के सबसे बड़े रहस्यों का जवाब हो सकता है 'Mirror World'

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भले ही मिरर वर्ल्ड फैंटेसी और कल्पना में आम धारणा है, लेकिन यह आज अंतरिक्ष के सबसे बड़े रहस्यों में से एक का जवाब भी हो सकता है। एक नए रिसर्च में वैज्ञानिकों के एक ग्रुप ने सुझाव दिया है कि पार्टिकल्स के "मिरर वर्ल्ड" जो हमसे अनदेखा रहता है, हबल कॉन्स्टेंट (Hubble Constant) समस्या का उत्तर हो सकता है। हबल कॉन्स्टेंट समस्या यूनिवर्स में एक्सपेंशन के रेट की सैद्धांतिक वैल्यू में विसंगति और माप द्वारा देखे गए विस्तार के वास्तविक रेट को कहते है। न्यू मैक्सिको विश्वविद्यालय के प्रमुख शोधकर्ता फ्रांसिस-यान साइर-रेसीन और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के फी जीई और लॉयड नॉक्स ने कहा (अनुवादित) "मूल रूप से, हम बताते हैं कि ब्रह्मांड विज्ञान में हम जो बहुत सारे अवलोकन करते हैं उनमें ब्रह्मांड को समग्र रूप से आकार देने के तहत एक अंतर्निहित समरूपता होती है। यह समझने का एक तरीका दे सकता है कि ब्रह्मांड के एक्सपेंशन रेट के विभिन्न मापों के बीच एक विसंगति क्यों प्रतीत होती है।" उनके कमेंट्स को सिमेट्री ऑफ कॉस्मोलॉजिकल ऑब्जर्वेबल्स, ए मिरर वर्ल्ड डार्क सेक्टर और हबल कॉन्स्टेंट नाम ...

पृथ्‍वी पर क्‍यों मौजूद है पानी और क्‍यों सूखा शुक्र ग्रह, जवाब तलाशेगा Nasa का नया मिशन

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हमारे सौरमंडल में पृथ्‍वी इकलौता ग्रह है, जहां जीवन है। बीते कई वर्षों से वैज्ञानिक पृथ्‍वी के अलावा दूसरे ग्रहों पर जीवन के संकेत तलाश रहे हैं और उन्‍हें इसके सबसे करीब दिखाई देते हैं मंगल और शुक्र ग्रह। शुक्र ग्रह के बारे में एक और दिलचस्‍प बात है। वैज्ञानिकों का कहना है कि शुक्र ग्रह एक समय में गीला हुआ करता था, लेकिन किन्‍हीं वजहों से वह सूख गया। क्‍या भविष्‍य में पृथ्‍वी के साथ भी ऐसा ही हो सकता है? यह जानने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) 9 मई को एन्डुरन्स (Endurance) नाम से एक नया मिशन शुरू करने जा रही है।  आखिर इस मिशन की जरूरत क्‍यों पड़ी। नासा के अनुसार, हमारे ग्रह यानी पृथ्वी में एक ग्‍लोबल इलेक्ट्रिक क्षमता है। यह एक अहम कॉम्‍पोनेंट है, क्‍योंकि यह हमारे ग्रह को रहने लायक बनाती है। नासा इसी की खोज मंगल या शुक्र ग्रह पर करना चाहती है। वह जानना चहती है कि उन ग्रहों पर जीवन क्‍यों संभव नहीं है। ऐसा क्‍या है कि जीवन सिर्फ पृथ्‍वी पर ही संभव है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के ग्लिन कोलिन्सन ने कहा कि सभी विज्ञानों में सबसे मौलिक सवाल यही...