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गृह मंत्रालय ने जेट एयरवेज (Jet Airways) के नए प्रमोटरों को सुरक्षा मंजूरी दी

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First Published: May 12, 2022 | Last Updated:May 12, 2022 हाल ही में, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जेट एयरवेज (Jet Airways) के नए प्रमोटरों को सुरक्षा मंजूरी दी है। सुरक्षा मंजूरी से जेट एयरवेज के परिचालन को फिर से शुरू करने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्य बिंदु  जेट एयरवेज का परिचालन 2019 में वित्तीय बाधाओं के कारण बंद कर दिया गया था। नरेश गोयल के स्वामित्व वाली जेट एयरवेज ने 17 अप्रैल, 2019 को अपनी अंतिम उड़ान भरी थी। जून 2019 में, जेट एयरवेज के लिए दिवाला कार्यवाही शुरू की गई थी। जेट एयरवेज का अधिग्रहण किसने किया? अक्टूबर 2020 में, जेट एयरवेज की लेनदारों की समिति (CoC) ने यूनाइटेड किंगडम की कलरॉक कैपिटल और संयुक्त अरब अमीरात बेस्ड उद्यमी मुरारी लाल जालान के संघ की समाधान योजना को मंजूरी दी। इस प्रकार, जालान-कलरॉक कंसोर्टियम वर्तमान में जेट एयरवेज का प्रमोटर है। समाधान योजना को किसने और कब मंजूरी दी? नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने जून 2021 में समाधान योजना को मंजूरी दी थी। संचालन शुरू करने के लिए अगले कदम क्या हैं? पिछले हफ्ते, जेट एयरवेज ने...

Nasa का मार्स रोवर मंगल ग्रह पर जुटा रहा जीवन के सबूत, अब दो साल की देरी से पहुंचेंगे पृथ्‍वी पर

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मंगल ग्रह (Mars) पर जीवन के संकेत तलाशने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने पर्सवेरेंस रोवर  (Perseverance rover) को भेजा है। यह रोवर वहां 45 किलोमीटर चौड़े ‘जेज़ेरो क्रेटर' से सैंपल्‍स इकट्ठा कर रहा है। इन सैंपल्‍स को पृथ्‍वी पर लाया जाएगा। शुरुआती योजना के मुताबिक साल 2026 तक एक लैंडर (SRL) भेजा जाना था और साल 2031 तक सैंपल्‍स को पृथ्‍वी पर लाया जाना था। लेकिन अब यह टाइमलाइन थोड़ा आगे बढ़ गई है। नासा ने ऐलान किया है कि वह अपने प्‍लान में एक और लैंडर को शामिल कर रही है। इस वजह से SRL की लॉन्‍च डेट को साल 2028 के लिए शिफ्ट कर दिया गया है और सैंपल रिटर्न 2033 तक हो सकेगा।    पर्सवेरेंस रोवर मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर रीजन में काम कर रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अरबों साल पहले यहां एक झील और एक नदी डेल्टा था। सैंपल्‍स को इकट्ठा करने के लिए रोवर इस रीजन की सतह को खरोंच रहा है और सैंपल जुटा रहा है। इन्‍हें पृथ्‍वी पर लाने के बाद वैज्ञानिक जान पाएंगे कि मंगल ग्रह पर जीवन के संकेत हैं या नहीं।  इस पेचीदा मिशन के तहत पहले साल 2026 में SRL को NASA मार्स एसेंट व्हीकल (...

सुपरसोनिक जेट नहीं करेंगे ‘शोर’, NASA ने विंड टनल में किया टेस्‍ट

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भविष्‍य में सुपरसोनिक फ्लाइट्स लोगों के उपर से गुजर सकें, इसे हकीकत बनाने के लिए नासा (NASA) ने अपने ‘शांत' सुपरसोनिक जेट के स्केल-डाउन मॉडल को विंड टनल में टेस्‍ट किया है। मौजूदा वक्‍त में कम्‍युनिटीज के उपर से सुपरसोनिक उड़ानों पर बैन है। इसकी वजह है इन विमानों से निकलने वाली बहुत तेज आवाज। सोनिक बूम लगभग 110 डेसिबल के आसपास साउंड एनर्जी पैदा करते हैं। सुपरसोनिक उड़ानों को कम शोर करने वाला बनाने के लिए नासा बूम-रिड्यूसिंग तकनीक पर काम कर रही है। इसके सफल होने पर भविष्‍य में उड़ानें तेज होंगी और लोगों को एक जगह से दूसरी जगह तक विमान यात्रा में कम समय लगेगा। यह टेस्‍ट 8x6 फीट की ‘सुपरसोनिक विंड टनल' के अंदर किया गया। इस साल के आखिर तक कई और टेस्‍ट किए जाएंगे।  इंस्टाग्राम अपडेट में नासा ने स्केल-डाउन X-59 क्‍वाइड सुपरसोनिक टेक्‍नॉलजी (QueSST) नाम के एक्‍सपेरिमेंटल एयरक्राफ्ट की दो इमेजेस शेयर की हैं।  नासा ने कहा, ‘शांत सुपरसोनिक उड़ान? हम इस पर काम कर रहे हैं।' इस फुल-स्‍केल एयरक्राफ्ट का निर्माण नासा और लॉकहीड मार्टिन द्वारा किया जा रहा है। नासा की तैयारी इस साल फुल-...